Sunday, April 12, 2009

u.p में लोकतंत्र नही ... नही शोषण तंत्र .... कोई मददगार नही !

2/04/2009
tasweer उत्तर प्रदेश पुलिस की..... एक पत्र मेरे नाम , कोई तो मदद करो ।

मेरा नाम रामसिंह भदोरिया, पुत्र श्री जनक सिंह भदोरिया , निवासी ग्राम चान्गोली तहसील बह जिला आगरा का हूँ। विगत कुछ दिनों से मुझे और मेरे परिवार को पुलिस और कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा लगातार प्रताडित किया जा रहा है। विगत दिनों दिनांक १२/०३/२००९ को होली के दूसरे दिन मेरे घर पर कुछ पुलिस वाले आए और मेरे ध्योते उपेन्द्र ( banty) को बुलाने लगे, जब मेने पुछा ki क्या बात है तो कुछ नही बोला , बस यही कहा की उससे कुछ पूछना है। मेरा ध्योता जयपुर में काम करता है साथ हे फौज में नौकरी के लिए प्रयास भी कर रहा है। जब उपेन्द्र को बुलाया तो पोल्स वाले उसको लेकर जाने लगे , मेने पुछा की आप तो पूछने आए थे अब लेकर क्यों जा रहे हो, तो वेह लोग बोले की इस gaon में क्षेत्रीय विधयक द्वारा लगवाया गया शिलालेख तोडा गया है, जिसमे मेरे ध्योते उपेन्द्र का नाम है, यह बोल कर उसको थाने में बैठा लिया , जब हम लोग उसको छुडाने पहुंचे to police अधिकारी बोले की विधयक का शिलालेख दोबारा लगवा दो तो हम आपके ध्योते को छोड़ देंगे , तब तक नही छोडेंगे।

महोदय , बात यही नही थी, जब हमने पुछा की पुलिस को और vidhaayak को यह बात किसने बताई, कोई प्राथमिकी हो तो बताई जाए पर उन्होंने कुछ नही कहा बस यही कहा की आप लोग वह शिलालेख लगवा दो। ७२ घंटे के बाद १५/०३/२००९ को आखिरकार मेरे ध्योते के ऊपर दफा १५१ लगा दी गयी तब हम उसकी जमानत करा सके। मेरा यह कहना है की कुछ असामाजिक tatva यदि यही करते करते रहेंगे और पुलिस उन्हें पकड़ने के बजाये उन्हें सरंक्षण प्रदान करती रहेगी तब तक मेरे जैसे किसान का इस समाज में रहना मुश्किल नही बल्कि असंभव हो जाएगा, जो मजदूरी करके apanaa परिवार paalte हैं।
मेरा आपसे निवेदन है की यथा सम्भव करवाई और निष्पक्ष जांच करके असली गुनेहगार को सामने लाया जाए और मेरे ध्योते के ऊपर जो दफा १५१ लगा दी गई है उसको हटाया ताकि उसके भविष्य पर कोई prashna chinha न लगे।

महोदय उचित करवाई करेंगे ऐसा मुझे पूर्ण विश्वास है।


No comments: