Saturday, August 7, 2010

( अन ) कॉमन वेल्थ गेम .. राजनीति और बेचारा कॉमन मेन ....

""" आदमी मुसाफिर है आता है जाता है , आते जाते रस्ते में घोटाले छोड़  जाता है.""" ... अरे अरे ये कोई फ़िल्मी गाना नहीं है आज की सच्चाई है...आज   आप चाहे किसी भी शहर मैं हों ..  किसी भी राज्य मैं हों..  आपके घर में आने वाला अख़बार और न्यूज़ चैनेल आपको बस  कॉमन वेल्थ  से जुडी खबर ही दिखायेंगे ..   भाई दिखाए भी क्यों न..   हर किसी बड़े मुद्दे को तो दिखाया ही जायेगा,,,  भाई बात रिश्वत और घोटाले से जुडी जो है..  वो  भी  कॉमन वेल्थ के घपले और घोटाले की .. जिसने बाकि हर खबर को पीछे धकेल दिया है जैसे आमदनी के मामले मैं धोनी ने सचिन को पीछे धकेल दिया है...  खैर अपनी बात पर लोटते हैं ..
हमारा मीडिया भी कोई बात तभी उठता है जब बात खुद ही खुल जाये ! भाई मेरा मतलब यह है की जिस देश मैं कहीं कोई छोटी सी सड़क या नाली तक बनने में कई साल और कई सारे करोड़ रुपये लगाये जाते हैं वहां इस तरह के बड़े आयोजन मैं ये सब तो होना ही था. सबसे पहले तो इन खेलों के आयोजन के पीछे मकसद ही  था की किसी भी तरह से सब अपनी  अपनी ""कॉमन - वेल्थ ""को बढ़ाएं ....  जो बाद में होगा देखा जायेगा,,  होगा भी क्या जाँच होगी ...  पर कोई करवाई नहीं होगी ,  भाई आज तक हुई है क्या किसी पर जो अब होगी....
और वैसे कोई करवाई होनी भी नहीं है ..  क्योंकि करवाई करेगी सरकर जो अब तक सिर्फ सो ही तो रही है..  क्योंकि कुछ भी गलत हो रहा हो सरकार तो अपने ५ साल के लिए मिले बहुमत का पूरा मजा ले कर ही कोई बात सोचेगी..   आपको शायद याद होगा ही  की महंगाई बढ़ रही है...  गोदामों में रखा कई करोड़ टन गेहूं , और अन्य अनाज सड गए ..  किसानो ने आत्मा आहत्य तक कर डाली.. पर महंगाई कम तो नहीं हुई सरकर की कृपा दृष्टि से बढ़ और रही है.   वहीँ कई लोग आज भी १ समय ही खाना खा पा रहे हैं... जब इतना सब होने पर सरकार नहीं जागी तो अब कैसे जग सकती है..   विपक्ष है वो भी कुछ दिन तक आवाज उठाएगा फिर सब शांत ..   अपना मीडिया भी!!!!
तो भाई लोगों सब कुछ भूल कर अपना काम करते रहो..  सरकार को टेक्स देते रहो..  लेकिन भूल से भी यह मत सोच लेना की यह अपनी चुनी हुई सरकार, हमारे लिए कुछ करेगी..???   भाई जब  तकरीबन  2५००० करोड़ रुपये से ज्यादा  इन खेलों में लगा  डाले और  शायद कुछ और लगाने की तयारी है..  क्योंकि बात देश की नाक की है..  
                                                                              लेकिन देश की नाक बचाने  मैं इतना रुपया लगाने वाली सरकार देश के खजाने मैं पैसा जमा करने वालों के लिए शायद कभी कुछ नहीं करेगी..   क्योंकि सरकार सिर्फ राजनीती करती है  ..  सिर्फ राजनीती यानि की ""राज करने के लिए निति बनाना"" ..  आम आदमी जाये भाड़ मैं   उसके पास तो ५ साल बाद जाना है..  अभी तो बहुत दिन हैं...   तब तक कुछ और नए नए काम करने हैं..काम यानि की फिर नए घोटाले ...  नए नए खुलासे और नयी तरह की जांचे होंगी... हाँ सही भी है ऐसे में एक गाना याद आता है जो कलमाडी जी और हर घोटालेबाज , आम आदमी को सुनाना चाहेगा  की,,, .." अपनी तो जैसे तैसे , थोड़ी ऐसे या वैसे कट जायेगी.. पर  आपका क्या होगा रे .... कॉमन आदमी.."""...तो है रे कॉमन आदमी यानि की आम इंसान तू अपना ध्यान इन बातों मैं मत लगा और अपना काम कर. क्योंकि तू इसी के लिए बना है..  समझा..


दीपक सिंह
09425944583

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