Friday, March 27, 2009

चुनाव घोषणा पत्र और वरुण गाँधी !

कांग्रेस पार्टी ने अपना चुनावी घोषणा पत्र आख़िर जरी कर दिया इसमे आश्रय की कोई बात नही यह तो हर चुनाव में होता है , सरे दल यही करते हैं! जब चुनाव आयोग के द्वारा तथाकथित आचार संहिता लहू की जाती है तो राजनितिक दलों को कुछ कामो पर लगाम लगनी पड़ती है जैसे की नई विकास योजना , सम्प्रदैक भडकाव आदि के लिए रोक लगा दी जाती है ! मगर कांग्रेस के घोषणा पत्र में यह सब है, सिर्फ़ कांग्रेस क्या हर दल यही करेगा जैसे मनमोहन जी ३श्र किलो चावल देंगे तो अडवानी जी १००००/रुपये में लेपटोप देंगे तो वाम दल कुछ और देंगे। क्या चुनाव आयोग को इसमे कुछ दिखाई नही दे रहा या वो सिर्फ़ कागजी आचार संहिता में लगा हुआ है।वहीँ वरुण गाँधी ने जो कुछ कहा उस पर हर तरफ़ हल्ला मचा हुआ है! मगर कुछ पार्टी जैसे सपा, बसपा या कुछ अन्य दल सांप्रदायिक आधार पर ही जीवित है उन पर कुछ लगाम लगना तो दूर आज यह दल राष्ट्रीय दलों को भी अपनी ताकत दिखने में लगे है। जहाँ मुलायम और लालू ने कांग्रेस को गहरा सदमा पहुँचा दिया है वहीँ भाजपा को चुनाव आयोग ने अपने शिकंजे में लपेट लिया है वोह भी वरुण गाँधी के कारन , हालाँकि भाजपा में तो नेता इसी तरह के भाषणओ के कारन सत्ता में आते रहे हैं।कुछ भी हो लेकिन सारे दल एक दुसरे को नीचा दिखने में कोई कसर नही छोडेंगे ,लेकिन सरे दल और नेता अन्दर से एक समान हैं , चुनाव के इस हमाम में सारे नेता नंगे हैं वोह किस पैर ऊँगली उठाएंगे, सारी शर्म उतर कर फिर से वोट मांगने आएंगेOर चुनाव आयोग हर बार की तरह अपनी खानापूर्ति में लगा रहेगा .

Deepak singh...
09425944583

6 comments:

रचना गौड़ ’भारती’ said...

ब्लोगिंग जगत में स्वागत है
लगातार लिखते रहने के लि‌ए शुभकामना‌एं
कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
http://www.rachanabharti.blogspot.com
कहानी,लघुकथा एंव लेखों के लि‌ए मेरे दूसरे ब्लोग् पर स्वागत है
http://www.swapnil98.blogspot.com
रेखा चित्र एंव आर्ट के लि‌ए देखें
http://chitrasansar.blogspot.com

AAKASH RAJ said...

बहुत सुन्दर आपका हिंदी ब्लॉग जगत में स्वागत है ........

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

नारदमुनि said...

sahi bat hai, narayan narayan

Deepak Sharma said...

*मैं भी चाहता हूँ की हुस्न पे ग़ज़लें लिखूँ*
*मैं भी चाहता हूँ की इश्क के नगमें गाऊं*
*अपने ख्वाबों में में उतारूँ एक हसीं पैकर*
*सुखन को अपने मरमरी लफ्जों से सजाऊँ ।*


*लेकिन भूख के मारे, ज़र्द बेबस चेहरों पे*
*निगाह टिकती है तो जोश काफूर हो जाता है*
*हर तरफ हकीकत में क्या तसव्वुर में *
*फकत रोटी का है सवाल उभर कर आता है ।*


*ख़्याल आता है जेहन में उन दरवाजों का*
*शर्म से जिनमें छिपे हैं जवान बदन *
*जिनके **तन को ढके हैं हाथ भर की कतरन*
*जिनके सीने में दफन हैं , अरमान कितने *
*जिनकी **डोली नहीं उठी इस खातिर क्योंकि*
*उनके माँ-बाप ने शराफत की कमाई है*
*चूल्हा एक बार ही जला हो घर में लेकिन *
*सिर्फ़ मेहनत की खायी है , मेहनत की खिलाई है । *


*नज़र में घुमती है शक्ल उन मासूमों की *
*ज़िन्दगी जिनकी अँधेरा , निगाह समंदर है ,*
*वीरान साँसे , पीप से भरी धंसी आँखे*
*फाकों का पेट में चलता हुआ खंज़र है ।*

*माँ की छाती से चिपकने की उम्र है जिनकी*
*हाथ फैलाये वाही राहों पे नज़र आते हैं ।*
*शोभित जिन हाथों में होनी थी कलमें *
*हाथ वही बोझ उठाते नज़र आते हैं ॥ *


*राह में घूमते बेरोजगार नोजवानों को*
*देखता हूँ तो कलेजा मुह चीख उठता है*
*जिन्द्के दम से कल रोशन जहाँ होना था*
*उन्हीं के सामने काला धुआं सा उठता है ।*


*फ़िर कहो किस तरह हुस्न के नगमें गाऊं*
*फ़िर कहो किस तरह इश्क ग़ज़लें लिखूं*
*फ़िर कहो किस तरह अपने सुखन में*
*मरमरी लफ्जों के वास्ते जगह रखूं ॥*


*आज संसार में गम एक नहीं हजारों हैं*
*आदमी हर दुःख पे तो आंसू नहीं बहा सकता ।*
*लेकिन सच है की भूखे होंठ हँसेंगे सिर्फ़ रोटी से*
*मीठे अल्फाजों से कोई मन बहला नही सकता । । *

*Kavyadhara Team*
*(For Kavi Deepak Sharma)*
*http://www.kavideepaksharma.co.in*
*http://kavideepaksharma.blogspot.com*
*http://sharyardeepaksharma.blogspot.com*

*( उपरोक्त नज़्म काव्य संकलन falakditpti से ली गई है )*
*All right reserved with poet.Only for reading not for any commercial use.*

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

दीपक जी, भारतीय राजनीति पर बात करने से भी अब तो मन व्यथित होने लगा है....लकडी की तलवारें थामे हुए जनता के सामने लडने का ढोंग किया जा रहा है बस..अन्दर से सब एक हैं