Sunday, January 3, 2010

रुचिका episode......

आजकल रुचिका प्रकरण की कुछ ज्यादा ही गूँज सुनायी पद रही है. मीडिया का भी कुछ ज्यादा साथ इस मामले में देखने को मिल रहा है, जो की सही भी है पर इस बात पर तो कोई नासमझ भी हैरानी जाता सकता है की श्रीमान राठोड को जो कृपा प्राप्त हुई है जिस वजह से उन्होंने कानून को अपने घर के किसी नौकर से ज्यादा नहीं समझा.  ...   अदालत , सरकार या सरे के सारे अधिकारी सब के सब राठोड के सामने किसी नौकर से ज्यादा नहीं थे जिस वजह से उसने वोही किया जो वो करना चाहता था, लेकिन अब जिस तरह से सरकार नींद से उठी है तो कुछ उम्मीद रुचिका के परिवार को जरूर हुई होगी, पर  ये तो एक शुरुआत ही है क्योंकि हमारे देश में ऐसे न जाने कितने राठोड आज भी न जाने कितने लोगों का जीवन नरक बना रहे हैं....और अदालत और सरकारें अपने अपने कान और आँखें बंद किए बैठे हैं की जब कोई नया मामला मीडिया के द्वारा आएगा तभी हम अपनी नींद तोड़ कर उठेंगे, शायद यही हमारे देश का भाग्य है और शायद आगे भी ऐसा ही रहेगा.

1 comment:

Rajesh R. Singh said...

आपकी टिप्पणी बहुत अच्छी है किन्तु छोटी है यह कम से कम ३५० शब्दों की तो अपने आप में पूर्ण होगी